Ayurvedic Jadi Buti In Hindi – Aayurvedic

Ayurvedic Jadi Buti In Hindi

Ayurvedic Jadi Buti In Hindi - Aayurvedic
Ayurvedic Jadi Buti In Hindi – Aayurvedic

हेलो दोस्तो, मैं अमित बालघरे आपका फिर से एक बार स्वागत करता हु हमारे ब्लॉग mygapshup.com में। दोस्तो हमारा ब्लॉग हर वक़्त आपके लिए कुछ नया विषय लेकर आते रहता है। और हमारे पिछले आर्टिकल में हमने “आंवला खाने के फायदे” इस विषय पर जानकारी दी थी। लेकिन दोस्तो आज हम आपके लिए “ayurvedic jadi buti in hindi” यह विषय लेकर आए है। जो आपके लिए बोहत ही फायदेमंद साबित होनेवाला है।

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दोस्तो कई लोग इंटरनेट पर medicinal plants tulsi, indian medicinal plants and their uses, 10 औषधीय पौधों के नाम, jadi buti ke nuskhe, ayurvedic jadi butiyan, ayurvedic jadi buti in hindi, desi jadi buti books, ayurvedic jadi buti, ayurvedic jadi buti in hindi, इस तरह के टॉपिक सर्च करते है। तो दोस्तो वैसे तो प्रथोमचार सभी करते है। और करना भी चाहिए लेकिन थोड़ा संभलकर कर ले कि वो सेफ है या नही। तो चलिए शुरू करते है आज का हमारा विषय Ayurvedic Jadi Buti In Hindi।

वैसे देखा जाए तो बहुत सारे पौधों में औषधीय गुण पाए जाते हैं। हमारे आसपास बोहत सारे पेड़ पौधे होते है। लेकिन हमें उनके फायदे के बारे में कोई जानकारी नहीं होती इसलिए हम उन पेड़ पौधों को इग्नोर करते हैं। लेकिन दोस्तों आज हम आपको ऐसे पेड़ पौधे के बारे में जानकारी देंगे जो आपके स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद हो सकते हैं। तो चलिए शुरू करते है।

Ayurvedic Jadi Buti In Hindi- 10 वनस्पतिया

१) तुलसी के फायदे
दोस्तो तुलसी बहुत फायदेमंद होती है। अगर आप तुलसी का रस बाहरी त्वचा पर लगाई तो आपकी त्वचा पर काफी सुधार आ जाएगा। तुलसी के रस से आपकी त्वचा पर किसी प्रकार के कीटाणु या दुर्गंध नही आती। दोस्तों कई लोग गजकर्ण से परेशान होते है। लेकिन दोस्तों अगर आप तुलसी के पत्ते और काली मिरी का लेप का उपयोग करेंगे तो आपको गजकर्ण से राहत मिल जाएगी।

तुसली के पत्ते खाने से आपके मुंह से दुर्गंध नही आती और यह आपके दांतों के लिए भी काफी फायदेमंद होता है। दोस्तों यदि आपको खांसी जुखाम या श्वास से कोई परेशानी है तो आप तुलसी का एक चम्मच रस को दिन में 3 से 4 बार पिये तो आपको आराम मिल जाएगा। अगर आपको बुखार है तो आप तुलसी का काढ़ा पी सकते है जिससे आपको काफी फायदा होगा।

२) बेल के फायदे
दोस्तों यदि आपके आंखों में खुजली हो रही है या चिपचिपाहट महसूस हो रही है। तो आप बेल के पत्तो के रस को अपनी आंखों में डालें इससे आपकी आंखों को राहत मिल जाएगी।

३) दूर्वा के फायदे
दोस्तों दुर्वा में औषधी गुणधर्म होता है। यदि अगर किसी को पित्त या किसी प्रकार की एलर्जी की वजह से बदन की आग हो रही है, या फिर आंखें लाल हो रही है तो आप स्वच्छ दूर्वा का रस या फिर उसका लेप अपने बदन को लगा ले। इससे आपको बहुत राहत मिलेगी। दोस्तों दूर्वा के रस का एक यह फायदा है कि यह को उल्टी के समय काफी फायदेमंद होता है।

४) कोरपड के फायदे
ऐसे तो देखा जाए तो कोरपड के बहुत फायदे होते हैं। यदि आपकी त्वचा पर खुजली हो रही है या फिर किसी प्रकार के निशान दिख रहे हैं। तो आप अपनी त्वचा पर कोरपड का रस लगा सकते हैं इससे आपकी त्वचा को बहुत फायदा हो सकता है। दोस्तो यदि आपको भूख नही लग रही है या फिर खांसी हो रही है तो उस समय कोरपड का रस आपके लिए काफी फायदेमंद साबित होता हैं।

५) अडुळसा के फायदे
दोस्तों अपने अडुळसा का नाम तो सूना ही होगा। अडुळसा से क्या क्या फायदे होते है यह मैं आपको शॉर्ट में बताता हूं। अडुळसा को पानी, फल, या फिर लोकरी के कपड़ो में रखें तो उनपर किसी भी प्रकार के कीटाणुओ का परिणाम नही होगा। दोस्तो यदि आपको खांसी हो या सांस लेने में तकलीफ़ हो तो उस के लिए अडुळसा काफी फायदेमंद साबित होता हैं।

६) नीम के पत्ते
दोस्तो नीम का नाम तो आप सभी ने सुना होगा। नीम के पत्ते का बोहत सारा फायदा होता है। नीम के पत्ते त्वचारोग, गजकर्ण, नायटा, ईसब, खुजली होना इन सब पर नीम काफी गुणकारी साबित होता है। अगर आपको खांसी हो या कफ हो जाये तो नीम का रस आपके लिए काफी फायदेमंद होता हैं। नीम का रस आपको पतंजली के शॉप में भी मिल सकता है, या फिर आप इसे घर मे भी बनाकर पी सकते हैं।

७) अदरक के फायदे
दोस्तो अदरक भारतीय किचेन का एक बोहत ही अहम हिस्सा है। भारतीय व्यंजनों में अदरक का प्रयोग अधिकमात्रा में होता है क्योंकि यह भूख और पाचन की क्षमता को बढाने में काफी फायदेमंद साबित होता है। अदरक वाली चाय बरसात के दिनों में पीने का आनंद ही कुछ और होता है, क्योंकि यह आपके जुकाम को और कफ को खत्म कर देती है।

८) हल्दी के फायदे
दोस्तो हल्दी में एंटीबायोटिक गुण पाए जाते हैं। यह आपकी त्वचा को निखारने के लिए काफी फायदेमंद साबित होती है। और कोई चोट लगने पर हल्दी को दूध के साथ मिलाकर पीने से काफी आराम मिलता है। सर्दी हो या जुकाम, हल्दी वाला दूध पीने से बोहत आराम मिलता है। यदि आपको कील मुहांसे है उन कोई पिम्पल हो तो आप हल्दी का लेप लगा सकते है इससे आपको काफी फायदा होगा। हल्दी का सेवन करना दिल की बीमारियों के लिए बहुत लाभदायक होता है।

९) लौंग के फायदे
लौंग भारतीय मसालों का एक अभिन्न हिस्सा है। लौंग का तेल में एंटीबायोटिक गुण पाए जाते है, जो कि दाँत और मसूड़ों के दर्द के लिए बोहत लाभदायक होता है। खाँसी हो या सर्दी-जुकाम हो, लौंग इन सब के लिए भी फायदेमंद साबित होता है।

१०) बिच्छू घास के फायदे। Benefits of Ortiga Grass
बिच्छू घास के बारे में शायद ही आपको पता होगा। यह एक जंगली पौधा है। बिच्छू घास की रगड़ से आपको त्वचा में जलन होती है। लेकिन दोस्तो बिच्छू घास की पत्तियों का काढ़ा काफी फायदेमंद होता है। यह गठिया और किडनी स्टोन के लिए बहुत गुणकारी हो सकता है। इसकी जड़ों से जो रस निकाला जाता है वो ब्लैडर सम्बंधित बीमारियों के लिए लाभदायक होता है।

तो दोस्तो “Ayurvedic Jadi Buti In Hindi” यह था हमारा आज का विषय। दोस्तो हमारे ब्लॉग का सिर्फ एक उद्देश्य है कि हम दूसरों को मदत करें मोटिवेट करे और उनके हेल्थ के लिए नए नए टिप्स ला सकें। दोस्तों अगर आपको हमारा “Ayurvedic Jadi Buti In Hindi” यह पसंद आया है तो कृपया करके कमेंट करके जरूर बताइएगा।

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जय हिंद।

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(Amit Balghare) Founder of Mygapshup.com

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